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चल बात कर

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश 'कँवल'101
मुस्तफ़इलुन
22 12
चल बात कर
नाहक़ न डर
घुसपैठिये
हैं देश भर
आओ रखें
अरि पर नज़र
सब कुछ नहीं
आकाश पर
इतरा न तू
कुछ बात कर
धरती को तू
बंजर न कर
पत्थर चले
हनुमान पर
महंगाई ने
तोड़ी कमर
सूरज 'कँवल'