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हट उधर चल

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

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मुहब्बतों का शायर : रमेश 'कॅंवल'
#ग़ज़ल@रमेश ‘कँवल’298
फ़ा इला तुन
हट उधर चल
अब न तू छल
धूप है तो
ढूंढ बादल
गर्मियों में
तू पिला जल
प्यार से कह
मत लगा बल
हिन्दुओं के
देश से चल
आज जो है
वह नहीं कल
फ़िल्म अपनी
देखने चल
अब न होगा
मसअला हल
इस गली से