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साथ चलने की तमन्ना दिल में है

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश ‘कँवल’292
फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन
साथ चलने की तमन्ना दिल में है
खौफ़ का खंजर भली महफ़िल में है
उसका चेहरा सबको सूरज सा लगा
तारे चुप-चुप, डर महे-कामिल में है
तख्त की शहज़ादी है गुमसुम बहुत
क्या पता क्या उसके मुस्तक़बिल में है
जेब में लेकर ग़लत मेरा पता
नाव खुशियों की लबे-साहिल में है
ज़िंदगानी का भरोसा कुछ नहीं
आपकी नेकी ही बस हासिल में है
सज्जनों के लब पे हैं श्री राम अब
क़ौमे-क़ातिल देखिए मुश्किल में है
एक दूजे की हिफ़ाज़त में 'कँवल'
आज तो हर सर कफ़े -क़ातिल में है