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थी भीड़, एहतियात का गुलशन कहाँ मिला
रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें
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#ग़ज़ल@रमेश 'कँवल'165
मफ़ऊलु फ़ाइलातुन मफ़ऊलु फ़ाइलुन
चुनावी मजमा
दूरी न तन में, मास्क में आनन् कहाँ मिला
थी भीड़, एहतियात का गुलशन कहाँ मिला
वादों के जंगलों में दरख्तों की भीड़ थी