Back to List

अपनी ख़ुशियां सभी निसार करूँ

रमेश 'कॅंवल' की दिलकश ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल@रमेश ‘कँवल’005
अपनी ख़ुशियां सभी निसार करूँ
ज़िन्दगी आ कि तुझसे प्यार करूँ
आदतन तुझ पे ऐतबार करूँ
बेसबब तेरा इन्तज़ार करूँ
तेरी ख़ुशबू से तन-बदन सींचू
अपनी सांसों को ख़ुशगवार करूँ
मुश्किलों को तेरे मैं सहल करूँ
तेरी दुश्वारियों पे वार करूँ
आइना खौफ़ के नगर में है
कैसे मैं सोलहो सिंगार करूँ
बेसबब तो नहीं उदास 'कँवल'