दिसम्बर 20, 2019

तुझ से मैं मुझ से आश्ना तुम हो मैं हूँ ख़ुशबू मगर हवा तुम हो मैं लिखावट तुम्हारे हाथों की मेरी तक़दीर का लिखा तुम हो तुम अगर सच हो, मैं भी झूट नहीं अक्स मैं, मेरा आइना तुम हो बे-ख़ुदी ने मिरा भरम तोड़ा मैं समझता रहा ख़ुदा तुम हो मैं हूँ मुजरिम, मिरे…