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हमारी तुम्हारी कहानी रहेगी - रमेश 'कँवल'

2025 की ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल2025@रमेश ‘कँवल’63
हमारी तुम्हारी कहानी रहेगी
न राजा रहेगा न रानी रहेगी
तेरी नर्म ज़ुल्फ़ों में फूलों की ख़ुशबू
नज़र में वफ़ा की निशानी रहेगी
कपोलों पे अश्कों के जुगनू रहेंगे
लबों पर मुहब्बत सुहानी रहेगी
निशाँ होंगे साजन के ख़त पर अधर के
कोई बात हो मुँहज़ुबानी रहेगी
बदन में तमाज़त के शोलों की दस्तक
जो दिलबर मिले शादमानी रहेगी
जो वादा किया है निभाओ खुशी से
तभी पुर मसर्रत जवानी रहेगी
‘कँवल' सीख पाया न सिनफ़े- ग़ज़ल जब
कहाँ से ग़ज़ल में रवानी रहेगी
सृजन - 4 मई, 2025
फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन
सदीनामा कोलकाता 10 जून,2025 पृष्ठ पर प्रकाशित