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मस्त आंखों के जाम होली में

2025 की ग़ज़लें

Translation

#ग़ज़ल2025@रमेश ‘कँवल’51
मस्त आंखों के जाम होली में
कर रहे हैं सलाम होली में
आरिज़ों पर गुलाबी रंगत है
लब पे साजन का नाम होली में
मस्त ढोलक की थाप कहती है
रॅंग का बन ग़ुलाम होली में
सॅंग टोली के ही मना लें हम
मदभरी मस्त शाम होली में
जोश कहता है सबको रंग डालो
होश है बेलगाम होली में
सब लगाएं गुलाल खुश हो कर
गाल मस्ती के धाम होली में
भांग पी ली तो काशी जी बोले
चल अवध में हैं राम होली में
सब में सद्भाव प्रेम हो क़ायम
है सनातन पयाम होली में
रूप की धूम मच रही है 'कँवल’
छलके मस्ती तमाम होली में
सृजन : 4 मार्च, 2025
फ़ाइलातुन मफ़ाईलुन फ़ैलुन